दांत लगवाने से पहले यह लेख अवश्य पढ़ें संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें
हर व्यक्ति एक खूबसूरत मुस्कुराहट की इच्छा रखता है और इसकी कीमत भी जानता है। हम सभी जानते हैं कि हमारे दांत हमारे चेहरे पर मुस्कुराहट लाने में कितनी अतुलनीय भूमिका निभाते हैं।
लेकिन कुछ परिस्थितियों जैसे किसी दुर्घटना, कैविटी, दांत का रंग खराब हो जाना, मसूड़ों की बीमारी या दांत हिलना इत्यादि के कारण हम खुल कर हँसने से बचने की कोशिश करते हैं, ताकि कोई हमारे दांतों पर ध्यान न दें।
उन सभी लोगों को उम्मीद बिलकुल नहीं छोड़नी चाहिए जिनका ऊपर लिखी किसी भी परेशानी से संबंध हैं, क्योंकि नकली दांत आसानी से इस समस्या को ठीक करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसके बारे में जानने और अपनी खूबसूरत मुस्कान को वापस पाने के लिए इस लेख को पढ़ना जारी रखें।
इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि नकली दांत कैसे होते हैं, उनके कितने प्रकार है, इन्हें कैसे बनाते और लगाते हैं, नकली दांत की देखभाल कैसे करें और इन्हें लगाने में कितना खर्च लगता है। इसके साथ ही नकली दांत के फायदे और नुकसान भी बताए गए हैं।
नकली दांत कैसे होते हैं - नकली दांत ऐसे दांत हैं जिन्हें प्राकृतिक दांतों को खोने के बाद मुंह में बनी खाली जगह को भरने के लिए एक डेंटिस्ट द्वारा सावधानी से तैयार किया जाता है। कुछ नकली दांत रूट कैनाल ट्रीटमेंट में भी काम आते हैं, इन्हे क्राउन कहा जाता हैं। इन दांतों को आकार, प्रकार और रंग में आपके प्राकृतिक दांतों के समान दिखने के लिए बनाया जाता है।किसी कारण से गिर चुके दांतों को बदलने का अपना महत्व है। हमारे प्राकृतिक दांत हमारे जबड़े की हड्डियों के साथ-साथ चेहरे की मांसपेशियों के लिए भी सपोर्ट के रूप में कार्य करते हैं।उनकी एक महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि वे न केवल युवा दिखने में हमारी मदद करते हैं बल्कि हमारी जबड़े की हड्डियों की वृद्धि और ऊंचाई को बनाए रखने में भी मदद करते हैं। भोजन चबाने और बोलने में वे भी महत्वपूर्ण और आवश्यक होते हैं।
जब भी आपके दांत गिर जाते हैं तो उस हड्डी की ऊंचाई घट जाती है जिसमें दांत लगा होता था। इसके अलावा, चेहरे की जिन मांसपेशियों को शुरू में इस दांत से सपोर्ट मिलता था, वे भी बदसूरत हो जाती हैं और आपके चेहरे पर झुर्रियां बन जाती है और चेहरा बूढ़ा दिखाई देता है। इसलिए, कृत्रिम या नकली दांतों से आपके गिर गए दांतों को बदलना बहुत महत्वपूर्ण है।
नकली दांत के प्रकार -
नकली दांतों के कई प्रकार होते हैं जो निम्नलिखित हैं -
फिक्स्ड दांत - ऐसे नकली दांत जो आपके मुंह में स्थायी रूप से रहने के लिए फिट किये जाते हैं।
रिमूवेबल दांत - ऐसे दांत जिन्हें हर रोज सफाई करने के उद्देश्य से बाहर निकाला जाता है।
सिंगल टीथ (एक नकली दांत) - जब आप का कोई एक प्राकृतिक दांत टूट जाता है या किसी कारण से ख़राब हो जाता हैं और अगर आप इसे बदलना चाहते हैं, तो यह सिंगल टीथ कहलाता है।
मल्टीपल टीथ (एक से अधिक नकली दांत) - जब आपके एक से अधिक प्राकृतिक दांत टूट जाते हैं या ख़राब हो जाते हैं और उन्हें बदलना चाहते हैं तो उसे मल्टिपल टीथ कहते हैं।
नकली दांतों को बनाने में उपयोग किये जाने वाले पदार्थ के आधार पर भी उनके अलग-अलग प्रकार होते हैं। पोर्सिलेन, एक्रिलिक, मेटल या इनका कोई संयोजन, ये वे पदार्थ हैं जिनसे नकली दांत बनाए जाते हैं।
नकली दांतों के कुछ अन्य प्रकार भी है जैसे -
फुल डेन्चर - इसका मतलब है पूरी बत्तीसी। जब आपके मुँह में एक भी प्राकृतिक दांत नहीं बचता है तो इन्हें लगाने की जरुरत पड़ती है। ये भी फिक्स या रिमूवेबल दोनों प्रकार के होते हैं।
पार्शियल डेन्चर - एक या एक से अधिक टूटे हुए या ख़राब प्राकृतिक दांतों की जगह नकली दांत लगाना पार्शियल डेन्चर कहलाता है।
अस्थायी दांत - वे नकली दांत जो स्थायी दांत तैयार होने तक आपके द्वारा पहने जाते हैं।
स्थायी - नकली दांतों का पूरी तरह से तैयार फाइनल सेट।
रिस्टोरेटिव टीथ - ऐसे दांत जो प्राकृतिक दांतों पर उनकी दिखावट में सुधार करने के लिए लगाए जाते हैं जैसे की क्राउन।
रिप्लेसिंग टीथ - ऐसे दांत जो टूटे हुए प्राकृतिक दांत की जगह लेते हैं।नकली दांत कैसे बनाते और लगाते हैं -
नकली दांत लगाने की प्रक्रिया में विशेषज्ञता की जरुरत के हिसाब से या तो एक सामान्य डेंटिस्ट या प्रोस्थोडोन्टिस्ट (एक ऐसे डेंटिस्ट जो नकली दांतों के ट्रांसप्लांट के विशेषज्ञ होते हैं) द्वारा उपचार किया जाता है।
प्रक्रिया शुरू करने से पहले, आपके शारीरिक और डेंटल स्वास्थ्य के इतिहास से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। कोई भी ऐसी मेडिकल स्थिति जो नकली दांत लगाने के उपचार के परिणामों को प्रभावित या बाधित कर सकती है, आपके डेंटिस्ट द्वारा नोट की जाएगी।
इनमें आपके मसूड़ों की वर्तमान स्थिति, आपके प्राकृतिक दांत, जबड़े की हड्डी कितनी खराब है, जिन दांतों का इलाज किया जाना है उनकी स्थिरता, मुंह कितना खुलता है, जबड़ों के जोड़ों का कोई भी विकार, आपके चेहरे की मांसपेशियों की स्थिति, आपके द्वारा करवाए गए किसी भी पिछले डेंटल इलाज, ख़राब दांतों के रूट कैनाल ट्रीटमेंट की स्थिति, शरीर में या मुंह में कोई संक्रमण आदि।
डेंटिस्ट आपके मुंह के बाहरी और आंतरिक पहलुओं का एक विस्तृत परिक्षण भी कर सकते हैं। इसके बाद, वे आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प और इसे चुनने के कारणों के बारे में आपको विस्तार से बताएँगे।
नकली दांत बनाने की प्रक्रिया में कुछ हफ्ते और कुछ सत्र लगते हैं। एक बार आपके डेंटिस्ट या प्रोस्थोडोन्टिस्ट यह निर्धारित कर लेते हैं कि आपके लिए किस प्रकार का उपकरण सबसे अच्छा है, इसके बाद निम्नलिखित चरणों में नकली दांत बनाए और लगाए जाते हैं -
आपके डेंटिस्ट द्वारा जबड़े का सही माप लेकर कई सारी प्रतिकृतियां बनाई जाती हैं कि आपके जबड़े एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं और उनके बीच कितनी जगह है।
मोम या प्लास्टिक से आपके दांत के सटीक आकार और स्थिति का मॉडल बनाया जाता हैं। आप इस मॉडल को कई बार लगा कर देखते हैं की यह सही बना है या नहीं और फाइनल डेन्चर तैयार करने से पहले इसके रंग, आकार और फिटिंग का अच्छे से आकलन किया जाता है।मॉडल के हिसाब से एक फाइनल डेन्चर बनाया जाता है।अंतिम चरण में आवश्यकता के अनुसार डेन्चर को अडजस्ट या मुँह में इसकी स्थिति को सही किया जाता है और उसे बाद आपके दांतों में फिट किया जाता है। यह फिटिंग या तो फिक्स होती है या रिमूवेबल होती है।
नकली दांतों की देखभाल -
आपके नकली दांत कितने समय तक चलेंगे यह तय करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक यह है कि आप अपने नकली दांतों की देखभाल कैसे करते हैं। यहाँ कुछ बातें बताई जा रही हैं जो आपको नकली दांतों को लगवाने के बाद उनका ध्यान रखने में मदद करेगी -
आपको मुँह की स्वच्छता बनाए रखना चाहिए। इसके लिए दिन में दो बार ब्रश करें और हर भोजन के बाद अपने मुंह को अच्छे से साफ करें।
यदि आपने फिक्स नकली दांत लगाए हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि उन दांतों के आस-पास भोजन के टुकड़े नहीं रहे।
यदि आपने रिमूवेबल दांत लगाए हैं, तो उन्हें हर बार भोजन के बाद बाहर निकाले और अच्छे से धोए और फिर पहन लें।धूम्रपान न करें या शराब न पिए। धूम्रपान करने से आपके मसूड़े दांतों से दूर हटते जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप आपके दाँत के आस-पास की हड्डी को नुकसान होगा। एक बार हड्डी ख़राब हो गयी तो उसके बाद, आपके दांत अस्थिर हो जाएंगे और वे हिलना शुरू कर देंगे।
यदि असली दांत हिलने लगते हैं, तो इससे आपके नकली दांत भी हिलने लगते हैं और अंततः आपके प्राकृतिक दांतों के नुकसान के साथ-साथ आपके फिक्स नकली दांत इम्प्लांट्स से बाहर निकल सकते हैं।
हमेशा संतुलित भोजन करें। एक अच्छा आहार न केवल आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखेगा, बल्कि यह आपके जबड़े की हड्डी को होने वाले नुकसान तथा मुलायम ऊतकों को डिहाइड्रेशन और जलन से भी बचाता है।अच्छे भोजन से लार का पर्याप्त प्रवाह होता है जो न केवल मुँह से खाद्य कणों को हटाने में मदद करता है बल्कि आपके रिमूवेबल फूल या पार्शियल डेन्चर्स को मुँह में स्थापित होने में भी मदद करता है।
रिमूवेबल पार्शियल डेन्चर्स को हर सुबह कॉटन से या ब्रश और साबुन के पानी से साफ किया जाना चाहिए। उन्हें टूथपेस्ट से साफ नहीं करना चाहिए। एक बार साफ करने के बाद, आप उन्हें पूरे दिन पहने रहे।
रात में, उन्हें बाहर निकाले, धोए और एक बंद जार में पानी डाल कर उसमें रख दें। जार के पानी को हर रात साफ पानी से बदल दें।समय-समय पर यह सुनिश्चित करने के लिए अपने डेंटिस्ट के पास जाएं कि आपकी बत्तीसी, दांत और मुलायम ऊतक अच्छी स्थिति में हैं।
तंबाकू न चबाएं। यह न केवल आपके डेन्चर या बत्तीसी के रंग को ख़राब करती है, बल्कि आपके मुँह के मुलायम ऊतकों में भी जलन हो सकती है, जबड़े की हड्डी को नुकसान हो सकता है और आपके मुंह का खुलना भी कम हो सकता है।नकली दांत लगवाने के कई फायदे हैं, जो निम्नलिखित हैं -फुल क्राउन आपके दाँत की पुरानी ताकत को बहाल करते हैं और ये आपके प्राकृतिक दांत के समान दिखाई देते हैं।पार्शियल क्राउन आपके दांतों की दिखावट में सुधार करता हैं और उन्हें चमकदार और अच्छे आकार में दिखाता है।
नकली दांत लगवाने के बाद, आप को भोजन चबाने में आसानी हो जाती है और आप बेहतर तरीके से बात करने में सक्षम हो जाते हैं।
नकली दांत आपके चेहरे को फिर से पहले जैसा बना देते हैं और चेहरे की सुंदरता में सुधार करते हैं।
इम्प्लांट्स पर लगाए गए फिक्स दांत जबड़े की हड्डी को होने वाले नुकसान से भी बचाते हैं।
नकली दांत आपके चेहरे की मांसपेशियों की रंगत में भी सुधार करते हैं।आपके दांत वापस आ जाने से आपके आत्म-सम्मान के स्तर में भी सुधार होता है और आपका आत्मविश्वास बढ़ता है।
नकली दांत के कुछ नुकसान भी होते हैं, जो नुकसान निम्नलिखित हैं -
कुछ पोर्सिलेन से बने क्राउन उनके सामने वाले प्राकृतिक दांतों को नुकसान पहुँचाते हैं। जब ये दांत साफ किये जाते हैं तो इनसे आवाज भी आती है।
शुरू में, आपको अपने मुंह में उन्हें एडजस्ट करने में परशानी का सामना करना पड़ सकता है। इनके कारण आवाज लड़खड़ाने, अधिक लार आने और बत्तीसी के लगातार हिलने जैसी परेशानी हो सकती है।
नकली दांत आपके जबड़े की हड्डियों को धीरे-धीरे कमजोर करते हैं, अंत वे ढीली और खराब हो जाती है।
रिमूवेबल या निकाले जा सकने वाले दांत मुंह में बहुत हिलते रहते हैं और खांसी आने, बात करने और हँसते समय मुँह से बाहर आ सकते हैं या गिर सकते हैं। इससे आपको सार्वजनिक स्थानों पर शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ सकता है।
रिमूवेबल बत्तीसी समय बीतने के साथ ढीली हो जाती है और आपके जबड़े की हड्डियों और मुलायम ऊतकों की स्थिति में हुए बदलाव के हिसाब से उन्हें फिर से बनाने की जरुरत पड़ती है।
फिक्स्ड डेन्चर या बत्तीसी ज्यादातर महंगी होती है।
दांत बनाने में उपयोग की जाने वाली सामग्री से आपको एलर्जी हो सकती है। यह आपके मुँह के मुलायम ऊतक में परेशानी पैदा कर सकती है, यदि ऐसा होता है तो आपके डेंटिस्ट थोड़ी देर के लिए आपको इसका उपयोग नहीं करने की सलाह दे सकते हैं।
यदि बत्तीसी गलत फिट हो जाती है, तो यह आपके चेहरे की मांसपेशियों पर दबाव डाल सकती है या इनके खराब होने का कारण बन सकती है, आपका चेहरा या तो छोटा या लंबा दिखाई दे सकता है और आपके जबड़े के जोड़ों में दर्द (आपके निचले जबड़े और सिर के बीच के जोड़) हो सकता है।
नकली दांत की कीमत -
नकली दांत की कीमत में निम्नलिखित कारकों के आधार पर काफी अंतर होता है -
दांत बनाने में उपयोग की जाने वाली सामग्री
कितने दांतों को बदलने की जरुरत है
फुल क्राउन है या पार्शियल क्राउन है
बत्तीसी या दांत फिक्स है या रिमूवेबल
आपके डेंटिस्ट की फीस और विशेषज्ञता
नकली दांतों की गुणवत्ता और वारंटी और
आप नकली दांत लगवाने के लिए एक सरकारी क्लिनिक जा रहे हैं या किसी निजी क्लिनिक इत्यादि।
हम यहाँ पर प्रत्येक प्रकार के नकली दांतों के लिए अलग-अलग कीमत का एक सामान्य अनुमान बता रहे हैं, हालांकि, आपके डेंटिस्ट की फीस दी गई इस सूची से थोड़ी अलग हो सकती है -
मेटल क्राउन - 800-3000 रुपये।
पार्शियल सिरेमिक क्राउन - 1500-5000 रुपये।
पोर्सिलेन (चीनी मिट्टी) को मिलाकर बने मेटल क्राउन - 3500-5500 रुपये।
फुल सिरेमिक क्राउन - 2000-15000 रुपये।
ज़िरकोनिआ क्राउन - 6000-18000 रुपये।
रिमूवेबल फुल डेन्चर या बत्तीसी - 5000-30000 रुपये।
रिमूवेबल पार्शियल डेन्चर या बत्तीसी - 5000-15000 रुपये।
एक इम्प्लांट की कीमत - 5000-35000 रुपये।
नोट - ये लेख केवल जानकारी के लिए है।
भारद्वाज डेंटल क्लीनिक कैथल किसी भी सूरत में किसी भी तरह की चिकित्सा की फीस की गारंटी नहीं दे रहा है। आपके लिए कौन सी चिकित्सा सही है, इसके बारे में आप डा. से बात करके ही निर्णय लें।
हर व्यक्ति एक खूबसूरत मुस्कुराहट की इच्छा रखता है और इसकी कीमत भी जानता है। हम सभी जानते हैं कि हमारे दांत हमारे चेहरे पर मुस्कुराहट लाने में कितनी अतुलनीय भूमिका निभाते हैं।
लेकिन कुछ परिस्थितियों जैसे किसी दुर्घटना, कैविटी, दांत का रंग खराब हो जाना, मसूड़ों की बीमारी या दांत हिलना इत्यादि के कारण हम खुल कर हँसने से बचने की कोशिश करते हैं, ताकि कोई हमारे दांतों पर ध्यान न दें।
उन सभी लोगों को उम्मीद बिलकुल नहीं छोड़नी चाहिए जिनका ऊपर लिखी किसी भी परेशानी से संबंध हैं, क्योंकि नकली दांत आसानी से इस समस्या को ठीक करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसके बारे में जानने और अपनी खूबसूरत मुस्कान को वापस पाने के लिए इस लेख को पढ़ना जारी रखें।
इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि नकली दांत कैसे होते हैं, उनके कितने प्रकार है, इन्हें कैसे बनाते और लगाते हैं, नकली दांत की देखभाल कैसे करें और इन्हें लगाने में कितना खर्च लगता है। इसके साथ ही नकली दांत के फायदे और नुकसान भी बताए गए हैं।
नकली दांत कैसे होते हैं - नकली दांत ऐसे दांत हैं जिन्हें प्राकृतिक दांतों को खोने के बाद मुंह में बनी खाली जगह को भरने के लिए एक डेंटिस्ट द्वारा सावधानी से तैयार किया जाता है। कुछ नकली दांत रूट कैनाल ट्रीटमेंट में भी काम आते हैं, इन्हे क्राउन कहा जाता हैं। इन दांतों को आकार, प्रकार और रंग में आपके प्राकृतिक दांतों के समान दिखने के लिए बनाया जाता है।किसी कारण से गिर चुके दांतों को बदलने का अपना महत्व है। हमारे प्राकृतिक दांत हमारे जबड़े की हड्डियों के साथ-साथ चेहरे की मांसपेशियों के लिए भी सपोर्ट के रूप में कार्य करते हैं।उनकी एक महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि वे न केवल युवा दिखने में हमारी मदद करते हैं बल्कि हमारी जबड़े की हड्डियों की वृद्धि और ऊंचाई को बनाए रखने में भी मदद करते हैं। भोजन चबाने और बोलने में वे भी महत्वपूर्ण और आवश्यक होते हैं।
जब भी आपके दांत गिर जाते हैं तो उस हड्डी की ऊंचाई घट जाती है जिसमें दांत लगा होता था। इसके अलावा, चेहरे की जिन मांसपेशियों को शुरू में इस दांत से सपोर्ट मिलता था, वे भी बदसूरत हो जाती हैं और आपके चेहरे पर झुर्रियां बन जाती है और चेहरा बूढ़ा दिखाई देता है। इसलिए, कृत्रिम या नकली दांतों से आपके गिर गए दांतों को बदलना बहुत महत्वपूर्ण है।
नकली दांत के प्रकार -
नकली दांतों के कई प्रकार होते हैं जो निम्नलिखित हैं -
फिक्स्ड दांत - ऐसे नकली दांत जो आपके मुंह में स्थायी रूप से रहने के लिए फिट किये जाते हैं।
रिमूवेबल दांत - ऐसे दांत जिन्हें हर रोज सफाई करने के उद्देश्य से बाहर निकाला जाता है।
सिंगल टीथ (एक नकली दांत) - जब आप का कोई एक प्राकृतिक दांत टूट जाता है या किसी कारण से ख़राब हो जाता हैं और अगर आप इसे बदलना चाहते हैं, तो यह सिंगल टीथ कहलाता है।
मल्टीपल टीथ (एक से अधिक नकली दांत) - जब आपके एक से अधिक प्राकृतिक दांत टूट जाते हैं या ख़राब हो जाते हैं और उन्हें बदलना चाहते हैं तो उसे मल्टिपल टीथ कहते हैं।
नकली दांतों को बनाने में उपयोग किये जाने वाले पदार्थ के आधार पर भी उनके अलग-अलग प्रकार होते हैं। पोर्सिलेन, एक्रिलिक, मेटल या इनका कोई संयोजन, ये वे पदार्थ हैं जिनसे नकली दांत बनाए जाते हैं।
नकली दांतों के कुछ अन्य प्रकार भी है जैसे -
फुल डेन्चर - इसका मतलब है पूरी बत्तीसी। जब आपके मुँह में एक भी प्राकृतिक दांत नहीं बचता है तो इन्हें लगाने की जरुरत पड़ती है। ये भी फिक्स या रिमूवेबल दोनों प्रकार के होते हैं।
पार्शियल डेन्चर - एक या एक से अधिक टूटे हुए या ख़राब प्राकृतिक दांतों की जगह नकली दांत लगाना पार्शियल डेन्चर कहलाता है।
अस्थायी दांत - वे नकली दांत जो स्थायी दांत तैयार होने तक आपके द्वारा पहने जाते हैं।
स्थायी - नकली दांतों का पूरी तरह से तैयार फाइनल सेट।
रिस्टोरेटिव टीथ - ऐसे दांत जो प्राकृतिक दांतों पर उनकी दिखावट में सुधार करने के लिए लगाए जाते हैं जैसे की क्राउन।
रिप्लेसिंग टीथ - ऐसे दांत जो टूटे हुए प्राकृतिक दांत की जगह लेते हैं।नकली दांत कैसे बनाते और लगाते हैं -
नकली दांत लगाने की प्रक्रिया में विशेषज्ञता की जरुरत के हिसाब से या तो एक सामान्य डेंटिस्ट या प्रोस्थोडोन्टिस्ट (एक ऐसे डेंटिस्ट जो नकली दांतों के ट्रांसप्लांट के विशेषज्ञ होते हैं) द्वारा उपचार किया जाता है।
प्रक्रिया शुरू करने से पहले, आपके शारीरिक और डेंटल स्वास्थ्य के इतिहास से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। कोई भी ऐसी मेडिकल स्थिति जो नकली दांत लगाने के उपचार के परिणामों को प्रभावित या बाधित कर सकती है, आपके डेंटिस्ट द्वारा नोट की जाएगी।
इनमें आपके मसूड़ों की वर्तमान स्थिति, आपके प्राकृतिक दांत, जबड़े की हड्डी कितनी खराब है, जिन दांतों का इलाज किया जाना है उनकी स्थिरता, मुंह कितना खुलता है, जबड़ों के जोड़ों का कोई भी विकार, आपके चेहरे की मांसपेशियों की स्थिति, आपके द्वारा करवाए गए किसी भी पिछले डेंटल इलाज, ख़राब दांतों के रूट कैनाल ट्रीटमेंट की स्थिति, शरीर में या मुंह में कोई संक्रमण आदि।
डेंटिस्ट आपके मुंह के बाहरी और आंतरिक पहलुओं का एक विस्तृत परिक्षण भी कर सकते हैं। इसके बाद, वे आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प और इसे चुनने के कारणों के बारे में आपको विस्तार से बताएँगे।
नकली दांत बनाने की प्रक्रिया में कुछ हफ्ते और कुछ सत्र लगते हैं। एक बार आपके डेंटिस्ट या प्रोस्थोडोन्टिस्ट यह निर्धारित कर लेते हैं कि आपके लिए किस प्रकार का उपकरण सबसे अच्छा है, इसके बाद निम्नलिखित चरणों में नकली दांत बनाए और लगाए जाते हैं -
आपके डेंटिस्ट द्वारा जबड़े का सही माप लेकर कई सारी प्रतिकृतियां बनाई जाती हैं कि आपके जबड़े एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं और उनके बीच कितनी जगह है।
मोम या प्लास्टिक से आपके दांत के सटीक आकार और स्थिति का मॉडल बनाया जाता हैं। आप इस मॉडल को कई बार लगा कर देखते हैं की यह सही बना है या नहीं और फाइनल डेन्चर तैयार करने से पहले इसके रंग, आकार और फिटिंग का अच्छे से आकलन किया जाता है।मॉडल के हिसाब से एक फाइनल डेन्चर बनाया जाता है।अंतिम चरण में आवश्यकता के अनुसार डेन्चर को अडजस्ट या मुँह में इसकी स्थिति को सही किया जाता है और उसे बाद आपके दांतों में फिट किया जाता है। यह फिटिंग या तो फिक्स होती है या रिमूवेबल होती है।
नकली दांतों की देखभाल -
आपके नकली दांत कितने समय तक चलेंगे यह तय करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक यह है कि आप अपने नकली दांतों की देखभाल कैसे करते हैं। यहाँ कुछ बातें बताई जा रही हैं जो आपको नकली दांतों को लगवाने के बाद उनका ध्यान रखने में मदद करेगी -
आपको मुँह की स्वच्छता बनाए रखना चाहिए। इसके लिए दिन में दो बार ब्रश करें और हर भोजन के बाद अपने मुंह को अच्छे से साफ करें।
यदि आपने फिक्स नकली दांत लगाए हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि उन दांतों के आस-पास भोजन के टुकड़े नहीं रहे।
यदि आपने रिमूवेबल दांत लगाए हैं, तो उन्हें हर बार भोजन के बाद बाहर निकाले और अच्छे से धोए और फिर पहन लें।धूम्रपान न करें या शराब न पिए। धूम्रपान करने से आपके मसूड़े दांतों से दूर हटते जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप आपके दाँत के आस-पास की हड्डी को नुकसान होगा। एक बार हड्डी ख़राब हो गयी तो उसके बाद, आपके दांत अस्थिर हो जाएंगे और वे हिलना शुरू कर देंगे।
यदि असली दांत हिलने लगते हैं, तो इससे आपके नकली दांत भी हिलने लगते हैं और अंततः आपके प्राकृतिक दांतों के नुकसान के साथ-साथ आपके फिक्स नकली दांत इम्प्लांट्स से बाहर निकल सकते हैं।
हमेशा संतुलित भोजन करें। एक अच्छा आहार न केवल आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखेगा, बल्कि यह आपके जबड़े की हड्डी को होने वाले नुकसान तथा मुलायम ऊतकों को डिहाइड्रेशन और जलन से भी बचाता है।अच्छे भोजन से लार का पर्याप्त प्रवाह होता है जो न केवल मुँह से खाद्य कणों को हटाने में मदद करता है बल्कि आपके रिमूवेबल फूल या पार्शियल डेन्चर्स को मुँह में स्थापित होने में भी मदद करता है।
रिमूवेबल पार्शियल डेन्चर्स को हर सुबह कॉटन से या ब्रश और साबुन के पानी से साफ किया जाना चाहिए। उन्हें टूथपेस्ट से साफ नहीं करना चाहिए। एक बार साफ करने के बाद, आप उन्हें पूरे दिन पहने रहे।
रात में, उन्हें बाहर निकाले, धोए और एक बंद जार में पानी डाल कर उसमें रख दें। जार के पानी को हर रात साफ पानी से बदल दें।समय-समय पर यह सुनिश्चित करने के लिए अपने डेंटिस्ट के पास जाएं कि आपकी बत्तीसी, दांत और मुलायम ऊतक अच्छी स्थिति में हैं।
तंबाकू न चबाएं। यह न केवल आपके डेन्चर या बत्तीसी के रंग को ख़राब करती है, बल्कि आपके मुँह के मुलायम ऊतकों में भी जलन हो सकती है, जबड़े की हड्डी को नुकसान हो सकता है और आपके मुंह का खुलना भी कम हो सकता है।नकली दांत लगवाने के कई फायदे हैं, जो निम्नलिखित हैं -फुल क्राउन आपके दाँत की पुरानी ताकत को बहाल करते हैं और ये आपके प्राकृतिक दांत के समान दिखाई देते हैं।पार्शियल क्राउन आपके दांतों की दिखावट में सुधार करता हैं और उन्हें चमकदार और अच्छे आकार में दिखाता है।
नकली दांत लगवाने के बाद, आप को भोजन चबाने में आसानी हो जाती है और आप बेहतर तरीके से बात करने में सक्षम हो जाते हैं।
नकली दांत आपके चेहरे को फिर से पहले जैसा बना देते हैं और चेहरे की सुंदरता में सुधार करते हैं।
इम्प्लांट्स पर लगाए गए फिक्स दांत जबड़े की हड्डी को होने वाले नुकसान से भी बचाते हैं।
नकली दांत आपके चेहरे की मांसपेशियों की रंगत में भी सुधार करते हैं।आपके दांत वापस आ जाने से आपके आत्म-सम्मान के स्तर में भी सुधार होता है और आपका आत्मविश्वास बढ़ता है।
नकली दांत के कुछ नुकसान भी होते हैं, जो नुकसान निम्नलिखित हैं -
कुछ पोर्सिलेन से बने क्राउन उनके सामने वाले प्राकृतिक दांतों को नुकसान पहुँचाते हैं। जब ये दांत साफ किये जाते हैं तो इनसे आवाज भी आती है।
शुरू में, आपको अपने मुंह में उन्हें एडजस्ट करने में परशानी का सामना करना पड़ सकता है। इनके कारण आवाज लड़खड़ाने, अधिक लार आने और बत्तीसी के लगातार हिलने जैसी परेशानी हो सकती है।
नकली दांत आपके जबड़े की हड्डियों को धीरे-धीरे कमजोर करते हैं, अंत वे ढीली और खराब हो जाती है।
रिमूवेबल या निकाले जा सकने वाले दांत मुंह में बहुत हिलते रहते हैं और खांसी आने, बात करने और हँसते समय मुँह से बाहर आ सकते हैं या गिर सकते हैं। इससे आपको सार्वजनिक स्थानों पर शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ सकता है।
रिमूवेबल बत्तीसी समय बीतने के साथ ढीली हो जाती है और आपके जबड़े की हड्डियों और मुलायम ऊतकों की स्थिति में हुए बदलाव के हिसाब से उन्हें फिर से बनाने की जरुरत पड़ती है।
फिक्स्ड डेन्चर या बत्तीसी ज्यादातर महंगी होती है।
दांत बनाने में उपयोग की जाने वाली सामग्री से आपको एलर्जी हो सकती है। यह आपके मुँह के मुलायम ऊतक में परेशानी पैदा कर सकती है, यदि ऐसा होता है तो आपके डेंटिस्ट थोड़ी देर के लिए आपको इसका उपयोग नहीं करने की सलाह दे सकते हैं।
यदि बत्तीसी गलत फिट हो जाती है, तो यह आपके चेहरे की मांसपेशियों पर दबाव डाल सकती है या इनके खराब होने का कारण बन सकती है, आपका चेहरा या तो छोटा या लंबा दिखाई दे सकता है और आपके जबड़े के जोड़ों में दर्द (आपके निचले जबड़े और सिर के बीच के जोड़) हो सकता है।
नकली दांत की कीमत -
नकली दांत की कीमत में निम्नलिखित कारकों के आधार पर काफी अंतर होता है -
दांत बनाने में उपयोग की जाने वाली सामग्री
कितने दांतों को बदलने की जरुरत है
फुल क्राउन है या पार्शियल क्राउन है
बत्तीसी या दांत फिक्स है या रिमूवेबल
आपके डेंटिस्ट की फीस और विशेषज्ञता
नकली दांतों की गुणवत्ता और वारंटी और
आप नकली दांत लगवाने के लिए एक सरकारी क्लिनिक जा रहे हैं या किसी निजी क्लिनिक इत्यादि।
हम यहाँ पर प्रत्येक प्रकार के नकली दांतों के लिए अलग-अलग कीमत का एक सामान्य अनुमान बता रहे हैं, हालांकि, आपके डेंटिस्ट की फीस दी गई इस सूची से थोड़ी अलग हो सकती है -
मेटल क्राउन - 800-3000 रुपये।
पार्शियल सिरेमिक क्राउन - 1500-5000 रुपये।
पोर्सिलेन (चीनी मिट्टी) को मिलाकर बने मेटल क्राउन - 3500-5500 रुपये।
फुल सिरेमिक क्राउन - 2000-15000 रुपये।
ज़िरकोनिआ क्राउन - 6000-18000 रुपये।
रिमूवेबल फुल डेन्चर या बत्तीसी - 5000-30000 रुपये।
रिमूवेबल पार्शियल डेन्चर या बत्तीसी - 5000-15000 रुपये।
एक इम्प्लांट की कीमत - 5000-35000 रुपये।
नोट - ये लेख केवल जानकारी के लिए है।
भारद्वाज डेंटल क्लीनिक कैथल किसी भी सूरत में किसी भी तरह की चिकित्सा की फीस की गारंटी नहीं दे रहा है। आपके लिए कौन सी चिकित्सा सही है, इसके बारे में आप डा. से बात करके ही निर्णय लें।





Traditional bridges are the most popular types of dental bridges for restoring lost teeth. They can be used when you have natural teeth or implants on either side of the space left by your missing tooth.
This cantilever bridge is used when there is only one anchor tooth available to support the missing tooth or teeth. This bridge design is not recommended for use in the back of the mouth where too much bite force can be put on the abutment tooth. But it can work if it’s designed well and if the cantilevered tooth is the front tooth. The biting forces must be considered in the design which can be done by a good lab making these types of dental bridges a valuable option when trying to save time and money.
This type of bridge is a winged bridge known for its conservative nature. These types of dental bridges are often referred to as a resin bonded bridge. Basically they’re designed with plastic teeth with similar gum material which is fortified by a metal frame.
For people with one or two missing teeth who are looking for an easy and affordable solution to their replacement issue, a composite bridge often fills the bill. There usually made and installed in one dental visit, in which a composite bonding material (which is the plastic tooth filling material) is placed directly into the missing space.
The implant supported bridge has been rising in popularity over the years, because there is normally no damage to the adjoining natural teeth. There is no support needed by trimmed down tooth stubs with crowns or bulky substructures, these types of dental bridges are supported exclusively by implants. This type of bridge allows adequate spacing for you to clean between the dental implants, and if integrated well there incredibly stable.